राजस्थान

Bharatpur ओपन जेल से फरार होकर जयपुर के नाइट क्लब पहुंचे दो कैदी

Kavita2
14 July 2026 11:23 AM IST
Bharatpur ओपन जेल से फरार होकर जयपुर के नाइट क्लब पहुंचे दो कैदी
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जयपुर : राजस्थान में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां भरतपुर ओपन जेल के दो कैदी कथित तौर पर जेल से बाहर निकलकर 190 किलोमीटर दूर जयपुर के एक नाइट क्लब में पहुंच गए। दोनों कैदी वहां जन्मदिन मनाने गए थे, लेकिन पार्टी के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। झगड़े के बाद चाकूबाजी में एक कैदी की मौत हो गई। घटना के बाद ओपन जेल की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, भरतपुर ओपन जेल में सजा काट रहे दो कैदियों ने जन्मदिन मनाने के लिए जेल से बाहर जाने की योजना बनाई। इसके बाद दोनों कैदी कथित रूप से नियमों को तोड़ते हुए जयपुर पहुंच गए। खास बात यह है कि जयपुर स्थित नाइट क्लब तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 190 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा।

जयपुर पहुंचने के बाद दोनों कैदी अपने साथियों के साथ नाइट क्लब में पार्टी करने लगे। बताया जा रहा है कि जन्मदिन समारोह के दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया।

इसी दौरान चाकू से हमला किया गया, जिसमें एक कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल कैदी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कैदी ओपन जेल से बाहर कैसे निकले और किन लोगों की मदद से जयपुर पहुंचे।

इस घटना ने भरतपुर ओपन जेल की व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ओपन जेलों में कैदियों को सामान्य जेलों की तुलना में कुछ अधिक स्वतंत्रता दी जाती है, ताकि वे समाज में दोबारा शामिल होने के लिए तैयार हो सकें। हालांकि, इस सुविधा के साथ कुछ नियम और निगरानी व्यवस्था भी तय होती है।

अब सवाल उठ रहा है कि जब कैदी जेल परिसर से बाहर निकले तो इसकी जानकारी जेल प्रशासन को क्यों नहीं हुई। इतनी लंबी दूरी तय कर जयपुर पहुंचने के बावजूद उनकी गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी गई, यह जांच का विषय बन गया है।

ओपन जेल व्यवस्था का उद्देश्य कैदियों में जिम्मेदारी और सुधार की भावना विकसित करना होता है। यहां कैदियों को काम करने और समाज से जुड़े रहने के अवसर दिए जाते हैं। लेकिन इस तरह की घटना सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर चिंता बढ़ गई है।

घटना के बाद जेल प्रशासन ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों कैदी किस परिस्थिति में बाहर गए और क्या इसमें किसी कर्मचारी की लापरवाही रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आने की उम्मीद है कि नाइट क्लब में मौजूद अन्य लोग कौन थे और विवाद किस वजह से शुरू हुआ। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस घटना ने राजस्थान की जेल व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओपन जेलों में सुधारात्मक दृष्टिकोण जरूरी है, लेकिन इसके साथ निगरानी और नियमों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

भरतपुर ओपन जेल से जुड़े इस मामले के बाद प्रशासन अब व्यवस्था की समीक्षा कर सकता है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कैदियों की आवाजाही और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, जेल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

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